UPTET 27 जुलाई का सुप्रीम कोर्ट का निर्णय का सार: उत्तर प्रदेश की शिक्षा दुर्व्यवस्था और असंवेदनशील असमाजवादी सरकार

उत्तर प्रदेश की शिक्षा दुर्व्यवस्था और असंवेदनशील असमाजवादी सरकार के कारण देश की सर्वोच्य अदालत एक बार फिर 27जुलाई को सुनवाई हेतु बैठी। जिसके द्वारा लिए गए निर्णयो का लिखित आदेश वेबसाइट पर अपडेट हो चूका है। जोकि आप तक फेसबुक/व्हाट्सअप के माध्यम से पहुँच भी चूका है।
इस बार आदेश कुल 13भाग में है।
1- जिसके 1भाग में सरकार द्वारा की गयी रिट पिटीसन व् अन्य सभी रिट मेसन की गयी है।

2- 2भाग में दोनों न्यायधीशों के नाम तथा प्रमुख रिट के एडवोकेट्स के नाम है। *****इसी प्रकार 3,4,5वें भाग में भी सभी रिट व् उनके एडवोकेट्स की जानकारी दी गयी है। जिसके अंत में 27जुलाई को 2बजे होने वाली प्रस्तावित सुनवाई की तिथि नियत की गयी है।

3- आदेश के 6वें भाग में CA(सिविल अपील) 4347से75/2014 में सरकार की तरफ से एंगेज हुए वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकट रमणी जी ने 15वें संशोधन के बचाव में जब ये कहा था कि ऐसा तो अन्य राज्यो में भी हो रहा है तो कोर्ट ने उन्हें उन सब को फ़ाइल करने के लिए कहा है जो वर्तमान में अन्य राज्य ने प्रचलन में है साथ ही यह भी कहा है कि हम उस पर डायरेक्शन देंगे।
उसके बाद रिट167/15 की IA2&3/15 में आनंद नन्दन जी ने कोर्ट को बताया है कि प्रदेश में शिक्षामित्रो को टेट पास किये बिना ही सहायक अध्यापक बनाया गया है साथ ही यह भी प्रदर्शित किया है कि 19जून2014 को निदेशक,बेसिक शिक्षा ने पत्र संख्या 2253/79-5-2014-282/98 में पहले ही इसको स्वयं स्वीकार भी किया है। इस पर कोर्ट ने ये आदेश दिया है कि सरकार 10दिन में एफिडेविट जमा कर यह स्पस्ट करे कि अब तक प्रदेश में कुल कितने शिक्षामित्रो को बिना टेट सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित किया गया है। साथ ही अगली सुनवाई (2नवम्बर को 2बजे) पर पुनः सचिव स्वयं कोर्ट में उपस्तिथ भी हों।

4- आदेश के 7वें भाग में शिक्षामित्र एशोसिएसन की ओर से कोर्ट में उपस्थित हुए वरिष्ठ अधिवक्ता के के वेणुगोपाल कहा कि NCTE द्वारा शिक्षामित्रो को टेट एग्जाम में बैठने से छूट दी हुई है जिसका कि आनंद नन्दन द्वारा विरोध किया गया है। इसके बाद सीनियर एडवोकेट अमित सिब्बल ने शिक्षामित्रो से सम्बंधित कई मामले(रिट) इलाहाबाद हाई कोर्ट तथा लखनऊ बेंच में पहले से ही विचाराधीन है। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य न्यायधीश को निर्देश देते हुए निवेदन किया है कि वह अपनी अध्यक्षता में संविधान पीठ(3जज वाली बेंच) का गठन कर इलाहाबाद तथा लखनऊ बेंच में
विचाराधीन सभी रिट को माँगकर 10सप्ताह(दो माह) में उन सभी पर एकल आदेश पारित करें। तब तक 6जुलाई को दिया गया स्टे बरकार रहेगा।
5- आदेश के 8वें भाग में कहा गया है कि शिक्षामित्रो से सम्बंधित सभी रिट को एक साथ कर उन पर एक आदेश पारित होने तक इस कोर्ट में विचाराधीन प्रमुख रिट 4347/15 जिस पर कि 25/03/14 को पहला अंतरिम आदेश हुआ था के अनुपालन तथा 17/12/14 को अपडेट किये गए अंतरिम आदेश के अनुसार अनारक्षित वर्ग 70% तथा आरक्षित वर्ग 65% से अधिक अंक पाये अभ्यर्थी में से मालपेक्टिस (अपात्र) को दूरकर नियमानुसार नियुक्ति पत्र वितरित किये जाये।

6- आदेश के 9वें भाग में वेंकट रमणी ने कोर्ट को कहा है कि 25/03/14 के अंतरिम आदेश के बाद सरकार ने 27/06/2014 और 01/07/2014को शासनादेश जारी कर 1,2,3th कॉउंसलिंग की उसके बाद 17/12/14के आदेश के बाद 4th कॉउंसलिंग जिसमे समस्त 70%(अनारक्षित) व् 65%(आरक्षित) वर्ग के अभ्यर्थियों को सामिल किया।

7- आदेश के 10वें भाग में वेकंट रमणी ने बताया है कि 4th कॉउंसलिंग के बाद 83,983नियुक्ति पत्र जारी किये जिसमें 43,641 अभ्यर्थियों ने ज्वाइन किया। अतः प्रक्रिया के सापेक्ष 29,174पद अभी भी रिक्त है। इसको 25/02/15को हुई सुनवाई में भी प्रस्तुत किया था तथा इसके बाद आरक्षित वर्ग में 60%तक कम की गयी सीमा जिसके आधार पर 5th कॉउंसलिंग की गयी। तथा कई अधिवक्ताओ द्वारा सरकार से प्रदेश में कुल रिक्तियों का एफिडेविट भी प्रस्तुत करने की मांग की गयी है।

9- आदेश के 11वें भाग में कोर्ट ने जो आदेश दिया था कि 29,174सीट्स को भरने के लिए 4सप्ताह में एक पब्लिक नोटिस जारी कर नियुक्ति पत्र प्राप्तकर ज्वाइन न करने वाले अभ्यर्थियों का अभ्यर्थन निरस्त कर अगले अभ्यर्थी से भरकर प्रक्रिया पूर्ण की जाये। जिसकी कि सुनवाई 22/04/15को नियत की गयी थी।

10- आदेश के 12वें भाग में रिट 89/2015 में एंगेज हुए वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि टेट एग्जाम के रिजल्ट में जो अभ्यर्थी फेल हुए थे जिनको कि न सिर्फ पास दिखाया गया है बल्कि नियुक्ति भी दी गयी है। जिस पर कोर्ट ने एच एल गुप्ता सचिव,बेसिक शिक्षा उत्तर प्रदेश जोकि कोर्ट में उपस्थित थे से तथा प्रशांत भूषण से 4सप्ताह के अंदर अपने इस तथ्य का एफिडेविट जमा करने को कहा गया है। तथा सुनवाई की अगली तिथि 2नवम्बर15 2बजे नियत की गयी है जिसमे सचिव को पुनः स्वयं उपस्तिथ रहना है।

11- आदेश के 13वें भाग में कोर्ट ने कहा है कि सीनियर एडवोकेट वेंकट रमणी प्रारम्भ से इस केस में सरकार की तरफ से एंगेज हुए है अतः अब वे सरकार की ओर से अंत तक केस से जुड़े रहेंगे।
12- दोस्तों, संझेप में मैं मयंक तिवारी,एटा इतना कहना चाहूँगा कि "यह आदेश सभी बीएड+टेट पास के लिए राहत का अगला कदम है।" चूँकि हमारे द्वारा सुप्रीम कोर्ट में सरकार द्वारा की जा रही सभी दुर्व्यवस्थाओ को उनके समक्ष रख दिया है तो अब सुप्रीम कोर्ट एक निश्चित दिशा में सभी विवादों का निपटारा करने हेतु अग्रसर है।
एक बार फिर कहूँगा कि भविष्य सभी बीएड टेट पास का उज्जवल है सिर्फ अंत तक सकारात्मक सोच के साथ सतत् व् सही दिशा में प्रयास करना है।
आपका शुभेक्षु
मयंक तिवारी,एटा